कल्याण सिंह कैंसर संस्थान की 12वीं शासी निकाय बैठक संपन्न
अत्याधुनिक कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार और विश्वस्तरीय सेवाओं पर लिए गए अहम फैसले

लखनऊ। एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान (KSSSCI) की 12वीं शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्थान के समग्र विकास, अत्याधुनिक कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार और मरीजों को विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

प्रोटॉन बीम थेरेपी और क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर को मंजूरी
बैठक में संस्थान में प्रोटॉन बीम थेरेपी स्थापित करने की अनुमति दी गई। यह उन्नत रेडियोथेरेपी तकनीक है, जिसमें प्रोटॉन कणों के माध्यम से ट्यूमर को अत्यंत सटीकता से लक्षित किया जाता है। इससे स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान होता है और दुष्प्रभावों में कमी आती है।
साथ ही क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर की स्थापना को भी मंजूरी दी गई, जहां जटिल कैंसर मामलों के लिए उच्चस्तरीय विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
टेली-रेडियोलॉजी और एडवांस्ड लैब सुविधाओं का विस्तार
संस्थान के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में टेली-रेडियोलॉजी सेवाओं को मंजूरी दी गई, जिसके तहत एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और डिजिटल मैमोग्राफी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा एडवांस्ड मॉलिक्यूलर लैब और सेंटर फॉर एडवांस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च फॉर कैंसर द्वारा विभिन्न जांचों की दरें भी स्वीकृत की गईं, जिससे कैंसर की प्रारंभिक और सटीक पहचान संभव होगी।
कैंसर रजिस्ट्री और शोध गतिविधियों को बढ़ावा
बैठक में पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (PBCR) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे प्रदेश में कैंसर के वास्तविक बोझ और मृत्यु दर का सटीक आकलन किया जा सकेगा।
शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए ऑन्को-पैथोलॉजी में PDCC कोर्स, तथा गायनेकोलॉजिकल और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में M.Ch. पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति दी गई।
31 अतिरिक्त फैकल्टी और 78 रेजिडेंट पदों को मंजूरी
संस्थान के विभिन्न विभागों में 31 अतिरिक्त फैकल्टी पदों और 78 सीनियर व जूनियर रेजिडेंट पदों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही पीएचडी नियमावली को स्वीकृति देकर कैंसर अनुसंधान को और गति देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. सारिका मोहन, संस्थान के निदेशक डॉ. एम.एल.बी. भट्ट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



